सारी दुनियाँ को उंगलियों पर नचा रहे हैं हम सब प्रतीकों में सिमटते जा रहे हैं। जितने भी जीवन में प्रश्न हैं व्यवधान हैं हर एक समस्या का च...
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Dil se..
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दुविधा illusionहे राम तनिक और ठहर जाते, कुछ तो यत्न करते जानकी को समझाते।
हे राम तनिक और ठहर जाते, कुछ तो प्रयत्न करते जानकी को समझाते। मानव की किसी निरीह पर आसक्ति कैसी, प्रमाणित तथ्यों को कहने में आपत्ति कैसी। ...
Panacea
हर किसी को हर खुशी नसीब नहीं माना, तुम मिल जाओ तो मेरा हर गम मिट जाए। ----------------------------------------------- तुमसे ही मर्ज मेरा दव...
ठहरा पल
मैं ठहरा हुआ हूँ फिर भी सब चल रहा है, ये पल पल मे कैसा मंजर बदल रहा है। सब हाथों मे है मगर कुछ मिलता नहीं, सब ठहरा सा है फिर भी कुछ रुकता न...
दिमाग का कचरा
कबाड़ी हूँ मैं कबाड़ ही मेरा संसार है, इसमें ही रहता हूँ यही मेरा पेशा घर बार है। कितने ही उजले-सफेद चेहरे, साफ सुधरे नकाब लगाये चेहरे। चुपचा...
20/20
अपने ही शहर में सब अजनबी से लगने लगे, दुनियां में भटकते थे कभी कमरों में सिमटने लगे।
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Symblolism प्रतीकात्मकता
सारी दुनियाँ को उंगलियों पर नचा रहे हैं हम सब प्रतीकों में सिमटते जा रहे हैं। जितने भी जीवन में प्रश्न हैं व्यवधान हैं हर एक समस्या का च...